सूर्य कुंड
बालार्क सूर्य कुंड का महत्त्व :-
बालार्क सूर्य कुंड के बारे में कहा जाता है कि इस कुंड में लगातार सात रविवार सूर्योदय से पूर्व स्नान करके भगवान् सूर्य के बाल रूप का दर्शन करने से मनुष्य को बड़े से बड़े रोग से मुक्ति मिल जाती है और सभी मनोकामना भी पूरी होती है।
इस कुंड में स्नान करने से मनुस्य को चर्म सम्बन्धी रोगो से भी मुक्ति मिलती है क्योंकि भगवान सूर्य के रुष्ट होने पर चर्म सम्बन्धी रोग उत्पन्न होते हैं ।
इस कुंड में स्नान का महत्वपूर्ण दिन रविवार माना गया है जो भगवान् सूर्य का दिन है। यहाँ प्रत्येक रविवार को प्रदेश के अन्य जिलों से लोग भगवान् के दर्शन पूजन व कुंड में स्नान करने के लिए आते हैं ।
कार्तिक शुक्ल पक्ष षष्ठी डाला छठ के अवसर पर यहाँ “नहान” सम्पन्न होता है । प्रदेश के दूर-दूर से आए श्रद्धालु सूर्य कुंड में स्नान कर पुण्य लाभ प्राप्त करते हैं । कहा जाता है कि देश में शरद ऋतु में होने वाले “नहानों” में यह पहला नहान होता है । बाकी नहान इसके बाद ही आते हैं ।